हड़ताल का असर फिलहाल क्रेशर जोन, गांव चिड़िया स्थित पावर प्लांट और कुछ शहरी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। सामान्य दिनों में बिजली कटौती की शिकायतों और आपूर्ति संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहने वाले कर्मचारी हड़ताल के चलते कार्यस्थलों से दूर रहे। ऐसे में बिजली उपभोक्ताओं को सेवाओं से जुड़ी परेशानियां बढ़ने की आशंका है। निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों और अधिकारियों के हड़ताल पर जाने के कारण निगम कार्यालय में सामान्य कामकाज भी प्रभावित रहा। कार्यालय के बाहर पुलिस की तैनाती के बीच अंदर की कुर्सियां खाली रहीं। हड़ताल के चलते बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना निगम के लिए चुनौती बन सकता है। जिले में बिजली निगम के कर्मचारियों की इस हड़ताल का असर कितना व्यापक होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल कुछ क्षेत्रों में इसका प्रभाव सामने आने लगा है। बिजली उपभोक्ताओं की निगाहें अब हड़ताल के समाधान और सेवाओं की सामान्य बहाली पर टिकी हैं।