दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता में अभी थोड़ा सुधार के आसार बने ही थे कि अब भिवानी जिले में भी फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आने लगे हैं। मंगलवार रात बापोड़ा से दांग खुर्द की तरफ जाने वाले रास्ता के समीप खेतों में किसानों ने बड़े स्तर पर फसल अवशेषों को आग के हवाले कर डाला। ये आग काफी दूर से ही दिखाई दे रही थी। वहीं, सुलग रहे खेतों से धधक रही आग से प्रदूषण का धुआं भी काफी दूर व ऊंचाई तक फैला। ग्रेप तीन के आदेशों से जिला प्रशासन ने क्रैशर जोन सहित निर्माण साइटों पर भी पाबंदी लगा दी है। ऐसे में जिला प्रशासन के आदेशों को धत्ता बताकर खुले आम फसल अवशेष जलाने से हवा में भी प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ रहा है। अगर कार्रवाई की बात करें तो इस साल फसल अवशेष जलाने पर जिले में एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है या यूं कहें कि जिला प्रशासन के अनुसार किसी भी किसान ने फसल अवशेष ही नहीं जलाया है जबकि मंगलवार रात को बापोड़ा से दांग खुर्द के रास्ते पर काफी दूर तक अंधेरे में खेतों से धधक रही आग की लपटें और उठ रहे धुएं की वीडियो भी राहगीरों ने बनाई।