गोरक्षपीठ के महंत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हठयोग की परंपरा को देश-दुनिया तक पहुंचाने के साथ गोरखनाथ मंदिर को धार्मिक, सामाजिक और सेवा कार्यों का बड़ा केंद्र बनाया है। गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि पर स्थित गोरक्षपीठ धार्मिक गतिविधियों के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रही है। मुस्लिम परिवार से आने वाले यासीन अंसारी वर्ष 1977 से गोरखनाथ मंदिर से जुड़े हैं। लंबे समय तक उन्होंने मंदिर में आने वाले चढ़ावे के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाली। अपनी ईमानदारी, लगन और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण के कारण उन्होंने मंदिर प्रबंधन का भरोसा कायम रखा।