कभी रिश्ते में आई दूरियों ने दोनों को अलग कर दिया था, लेकिन अब एक बार फिर प्यार ने उन्हें करीब ला दिया है। भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और अभिनेत्री-इन्फ्लुएंसर आकृति अग्रवाल ने अपनी सगाई टूटने के फैसले पर दोबारा विचार करते हुए रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया है। कुछ सप्ताह पहले दोनों ने अलग होने का एलान किया था, लेकिन अब आकृति ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए रिश्ते को लेकर बड़ा बयान दिया है। पृथ्वी शॉ ने भी आकृति के इस बयान को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किया है। ऐसे में सवाल है कि आखिर दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ, जिसने पहले उन्हें अलग किया और अब फिर साथ आने के लिए प्रेरित किया?
दरअसल, आकृति अग्रवाल ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर ‘एक निजी स्पष्टीकरण’ शीर्षक से बयान जारी किया। इसमें उन्होंने माना कि सगाई तोड़ने का फैसला लेते समय वह अपने करीबी लोगों की राय से प्रभावित हो गई थीं। आकृति के मुताबिक, उन्होंने दूसरों की बातों को अपने रिश्ते पर हावी होने दिया और अपने मंगेतर को भी उसी नजरिये से देखना शुरू कर दिया।
आकृति ने स्वीकार किया कि उन्हें ऐसा लगा कि उनके करीबी लोग उनके रिश्ते को उनसे बेहतर समझते हैं। इसी वजह से वह उस निष्कर्ष पर पहुंच गईं, जिसने दोनों के बीच दूरियां बढ़ा दीं। उन्होंने यह भी माना कि फैसला लेने से पहले उन्हें पृथ्वी के साथ ईमानदारी से बातचीत करनी चाहिए थी।
आकृति ने अपने फैसले और उससे पृथ्वी को पहुंची तकलीफ की जिम्मेदारी भी ली। उन्होंने बताया कि दोनों ने अब खुलकर बातचीत की है और एक-दूसरे के नजरिये को समझने की कोशिश की है। इसी बातचीत के बाद उन्होंने अपने रिश्ते को फिर से एक मौका देने का निर्णय लिया।
आकृति ने अपने बयान में लिखा कि वे दोनों एक-दूसरे के लिए काफी हैं और उन्हें किसी और की जरूरत नहीं है। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उनके निजी फैसले का सम्मान करें। पृथ्वी शॉ ने भी सोमवार शाम आकृति के इस बयान को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किया। इससे दोनों के रिश्ते को नई शुरुआत देने के फैसले की पुष्टि हुई है।
बता दें कि पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने मार्च 2026 में अपनी सगाई की घोषणा की थी। दोनों ने सोशल मीडिया पर प्रपोजल की तस्वीरें साझा कर अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था। हालांकि, सितंबर में आकृति ने सगाई टूटने और अलग होने की जानकारी दी थी। उस समय उन्होंने दोनों के भविष्य के लक्ष्यों और परिस्थितियों में अंतर को इसकी वजह बताया था।
अब कुछ ही सप्ताह बाद दोनों का फिर साथ आने का फैसला चर्चा में है। हालांकि, दोनों ने अब तक विस्तार से यह नहीं बताया है कि उनके रिश्ते में ऐसी कौन-सी परिस्थितियां पैदा हुई थीं, जिनके कारण सगाई टूटने की नौबत आई। फिलहाल, आकृति के बयान से इतना साफ है कि दोनों ने पुराने फैसले पर दोबारा विचार किया और बातचीत के जरिए अपने रिश्ते को एक नई दिशा देने का निर्णय लिया।
वहीं, पृथ्वी शॉ की पेशेवर जिंदगी की बात करें तो वह इन दिनों क्रिकेट में अपनी वापसी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। 26 साल के पृथ्वी को कभी भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों में गिना जाता था। साल 2018 में उन्होंने भारत को अंडर-19 विश्व कप का खिताब दिलाया था। इसी साल वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट पदार्पण करते हुए शतक लगाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत की थी।
हालांकि, चोटों, प्रदर्शन में निरंतरता की कमी और भारतीय टीम से लंबे समय तक बाहर रहने के कारण उनका करियर उम्मीदों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका। अब वह घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर दोबारा अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। 2025-26 के घरेलू सत्र से पहले वह मुंबई से महाराष्ट्र की टीम में शामिल हो गए थे। रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में उन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ 222 रन की शानदार पारी भी खेली थी।
पृथ्वी ने 2026-27 घरेलू सत्र की शुरुआत भी अच्छी बल्लेबाजी के साथ की है। रविवार को नई दिल्ली के पालम ए स्टेडियम में सर्विसेज के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने महाराष्ट्र की कप्तानी करते हुए 70 रन बनाए। नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के इंडिया ए टीम के साथ होने के कारण पृथ्वी को यह जिम्मेदारी मिली है।
उन्होंने 73 गेंदों में आठ चौकों और एक छक्के की मदद से 70 रन की पारी खेली। हालांकि, लंच से कुछ समय पहले बाएं हाथ के स्पिनर अर्जुन शर्मा ने उन्हें आउट कर दिया। इस पारी से पृथ्वी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी उपयोगिता दिखाने की कोशिश की है।
कुल मिलाकर, पृथ्वी शॉ के लिए यह दौर निजी और पेशेवर, दोनों मोर्चों पर नई शुरुआत का है। मैदान पर वह अपने बल्ले से वापसी की राह तलाश रहे हैं, तो निजी जिंदगी में आकृति अग्रवाल के साथ रिश्ते को एक और मौका दे रहे हैं। अब देखना होगा कि क्रिकेट में उनका प्रदर्शन किस दिशा में आगे बढ़ता है और दोनों अपने रिश्ते को कितनी मजबूती से आगे ले जा पाते हैं।