जसोला डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास बने अवैध कूड़ा डंपिंग मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दिल्ली पुलिस ने अपना जवाब दाखिल किया है। पुलिस ने कहा कि कूड़ा उठाना, उसकी सफाई और निस्तारण करना दिल्ली पुलिस का काम नहीं है। यह जिम्मेदारी संबंधित नगर निकाय और अन्य नागरिक एजेंसियों की है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर पुलिस हर तरह का सहयोग देने के लिए तैयार है। दिल्ली पुलिस ने यह जवाब 17 मार्च 2026 को एनजीटी के आदेश के बाद सरिता विहार थाना की ओर से दाखिल किया है। मामला जसोला डिस्ट्रिक्ट सेंटर और जसोला मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क पर कूड़ा डंप किए जाने से जुड़ा है। याचिकाकर्ता स्प्लेंडर लैंडबेस लिमिटेड का कहना है कि सड़क किनारे पड़े सड़ते कूड़े से बदबू फैल रही है। इससे हानिकारक गैसें निकलती हैं और मच्छर समेत अन्य बीमारी फैलाने वाले कीड़े पनपते हैं। अपने हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह न तो न तो इस जमीन की मालिक है न ही उसके रखरखाव की जिम्मेदार एजेंसी। उसकी भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाने, अपराध रोकने और जरूरत पड़ने पर सरकारी विभागों को सुरक्षा व कानूनी सहायता देने तक सीमित है। स्थानीय पुलिस को इलाके पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि वहां कोई गैर-कानूनी गतिविधि, रास्ता बाधित करने या शांति भंग करने जैसी स्थिति सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी