उपमंडल के हथनगांव गांव में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। गांववाले रात को गहरी नींद में थे और सुबह उठे तो देखा कि जिन रास्तों में कल तक कीचड़ और गड्डे थे, वहां रातों-रात रोड़े बिछ चुके थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ये काम किसी और ने नहीं, बल्कि गांव के वही सस्पेंड किए गए सरपंच ने कराए हैं, जिन्हें विकास कार्यों में धांधली और जांच में सहयोग न करने पर निलंबित किया गया था। हथनगांव गांव के समशुदीन , नसीम, समीम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि रात को जेसीबी मशीनें और ट्रैक्टर-डंपर चलाकर रास्तों पर रोड़ी डाली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि इन कार्यो का भुगतान सरपंच पहले ही उठा चुका था, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिया था। ग्रामीणों ने मौके की वीडियो भी बनाई है, जिसमें लोकेशन के साथ रात के समय मशीनें चलते हुए साफ नजर आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सस्पेंड सरपंच की जगह कार्यवाहक सरपंच चुनने के आदेश बीडीपीओ द्वारा दिए जा चुके हैं। इसी को लेकर दो बार पंच बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे, जहां सात पंचों ने एकमत होकर पंच साबिर के नाम का समर्थन भी किया। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते कार्यवाहक सरपंच का चुनाव अभी तक नहीं हो पाया। इस कारण पंचों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश हैं। गांव के लोगों ने बताया कि सरपंच ने निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उनकी याचिका पहले ही खारिज हो चुकी थी। अब उन्होंने दोबारा अर्जी लगाई है, जिस पर 29 अगस्त को सुनवाई होनी है। सुनवाई से पहले ही सरपंच रात के अंधेरे में काम करवा कर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीण शिकायत लेकर आए थे। कार्यालय से रास्ते को बनाने के आदेश नहीं दिए गए है और न ही ग्राम सचिव ने रास्ते की पेमेंट की है। अगर रास्ते बने भी है तो पंचायत विभाग की ओर से किसी भी कीमत पर इसकी अदायगी भी नहीं की जाएगी।- पूजा शर्मा, बीडीपीओ पुन्हाना