नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद जेवर को पहला राजकीय महाविद्यालय मिल गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल ने महाविद्यालय को सरकारी कॉलेज का दर्जा प्रदान कर दिया है। अब छात्र-छात्राओं को जहां मामूली फीस देनी होगी, वहीं उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगा। नए सत्र से बीएससी, बीकॉम और बीए में विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। पहले जेवर क्षेत्र में महाविद्यालय नहीं होने से छात्र-छात्राओं को खुर्जा, बुलंदशहर और अलीगढ़ की ओर रुख पड़ता था। 2022 में शांति देवी राजकीय महाविद्यालय जेवर की शुरुआत हुई, लेकिन मेरठ विश्वविद्यालय से संघटक कॉलेज के कारण छात्र-छात्राओं को दाखिला लेने के लिए अधिक फीस देनी पड़ती थी। आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण छात्र-छात्राएं को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर छात्र छात्राओं को नए साल का तोहफा दिया गया है। अब उनकी पढ़ाई नहीं बाधित होगी।