ग्रेटर नोएडा के अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, नालेज पार्क-3 होते हुए ग्रेनो-ग्रेनो वेस्ट लिंक 130 मीटर रोड़ से मिलने वाली सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। करीब 100 करोड़ रुपये के इन प्रोजेक्टों में बीच सड़क खड़े पेड़ और बिजली के खंभे और दूसरे पक्के निर्माण बाधा बने हुए हैं। इनको हटाने की अनुमति अभी तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को काम शुरू होने के बाद भी वन विभाग से नहीं मिल पाई है। ऐसे में यह भी आशंका है कि समय पर अनुमति नहीं मिली तो सड़क हादसे का कारण भी यह बाधाएं बनेंगी।
मौजूदा समय में जगत फार्म से लेकर रामपुर रोटरी होते हुए पुराने प्राधिकरण कार्यालय के सामने से 130 मीटर रोड तक सड़क को चार से छह लेन का किया जा रहा है। इसके लिए सेंट्रल वर्ज को छोटा कर दोनों तरफ एक-एक अतिरिक्त लेन बनाई जा रही है। इसके साथ ही पूरी सड़क पर नए सिरे से बिटुमिन लेयर और जल निकासी जैसे काम भी होने हैं। इसी तरह स्ट्रीटलाइट शिफ्ट करने या नए सिरे से लगाए जाने की कार्यवाही भी होनी है। नालेज पार्क-3 से एलजी चौक, एटीएस डोल्से होते हुए भी इसी तरह सड़क चौड़ी की जा रही हैं। इन सड़कों को मेट्रो लाइन के समानांतर 105 मीटर से जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों को भी चार से छह लेन का किया जाना है।
अभी एटीएस डोल्से सोसाइटी से लेकर जगत फार्म के बीच काम चालू है। यहां केवल रामपुर जागीर से लेकर जगत फार्म के बीच ही करीब 18 से 20 पेड़ चौड़ीकरण के बीच में आ रहे हैं। इसी तरह रामपुर जागीर से एटीएस सोसाइटी और 130 मीटर रोड तक इसी तरह दो दर्जन से अधिक पेड़ आ रहे हैं। कुछ जगह पर मोबाइल टॉवर या यूनीपोल लगाने के लिए हुए पक्के निर्माण भी मौजूद हैं। इनको भी प्राधिकरण के परियोजना विभाग को हटवाने की जरूरत होगी।
हटाया जाएगा किसान आंदोलन की पहचान बना गेट
सड़क चौड़ीकरण के इस काम में पुराने प्राधिकरण भवन, गामा-2 के सामने मुख्य सड़क पर लगे पुराने गेट भी हटाए जाएंगे। इन गेट को किसान आंदोलन के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। प्राधिकरण के इस भवन में संचालित होने के समय कई किसान आंदोलन यहां हुए। आंदोलन उग्र होने और भीड़ पर नियंत्रण के लिए तत्कालीन प्राधिकरण के अधिकारियों ने यहां गेट लगवा दिए थे। इनको बंद कर किसानों को प्राधिकरण के सामने जुटने या दूसरी सड़कों को प्रभावित करने से रोका जाता था। कई बड़े किसान आंदोलन इन गेट ने अपने इतिहास में संजाए हुए हैं।
पेड़ काटने नहीं दूसरी जगह लगाने पर होगा काम
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के बीच आ रहे पेड़ों को काटा नहीं जाएगा। इसकी जगह इनको दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। 15 साल से अधिक पुराने इन पेड़ों को काटने की जगह ट्रांसलोकेट करने की अनुमति वन विभाग से मांगी गई है। अनुमति के बाद ही इनको शिफ्ट कराया जाएगा। इससे पहले भी नालेज पार्क-3 और एलजी चौक के पास से 90 से अधिक पेड़ों को प्राधिकरण शिफ्ट करा चुका है। इनमें से 90 प्रतिशत से अधिक पेड़ बचा लिए गए हैं।