हरियाणा के मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्यमियों को राज्य में निवेश करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा उनके कारोबार के अगले विस्तार में साझेदार बनना चाहता है। मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत उसकी भौगोलिक स्थिति है। राज्य का लगभग 57 फीसदी क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आता है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर बड़े व्यापारिक केंद्रों से जुड़ते हैं। दिल्ली, चंडीगढ़ और नोएडा के हवाई अड्डों तक पहुंच निवेशकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाती है। हरियाणा में ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण और फार्मा जैसे कई उद्योग मौजूद हैं। राज्य में 56 औद्योगिक एस्टेट हैं। 143 ब्लॉकों में एमएसएमई क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। हरियाणा का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में लगभग 3.8 फीसदी योगदान है। गुरुग्राम में 250 से अधिक फॉर्च्यून 500 कंपनियों के कार्यालय कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने दस लाख रोजगार अवसर पैदा करने का भी लक्ष्य रखा है। निवेश के लिए अनुकूल माहौल हरियाणा सरकार प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दे रही है। डिजिटल सुविधाएं बढ़ाना और निवेशकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में आवंटित प्रोत्साहन बजट का 96 फीसदी उपयोग किया गया। पिछले छह वर्षों में इसका औसत उपयोग 83 फीसदी रहा है। ऑटोमोबाइल, मशीनरी, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सोलर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं हैं। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और औद्योगिक बुनियादी ढांचे में भी अवसर मौजूद हैं। नए उद्योगों से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ परिवहन और स्थानीय आपूर्ति में भी अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने अप्रैल 2027 में प्रस्तावित ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ में भी आमंत्रित किया।