शहर के दुर्गा पूजा पंडालों में महिलाओं मां दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी, कार्तिकेय पूजन और हवन के बाद मां दुर्गा को विदाई दी गई। पूजन के बाद मां दुर्गा को सिंदूर लगाकर महिलाओं ने एक दूसरे को जमकर सिंंदूर लगाया। सिंदूर खेला के साथ-साथ हाथों में धुनुची लेकर पंडाल में ढोल की थाप पर खूब नाचीं। गुरुग्राम में वर्ष 1982 से दुर्गा पूजा कर है शहर के सबसे पुराने पूजा पंडाल गुड़गांव बंगाली एसोसिएशन की इस साल 45 दुर्गा पूजा थी। यह आयोजन सेक्टर 9 स्थित सामुदायिक भवन में किया गया। यहां महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर लगाकर विदाई दी गई। सेक्टर 15 पार्ट टू पूर्वापल्ली दुर्गा बाड़ी पूजा पंडाल में बंगाली परिवारों ने मां दुर्गा की विदाई पूरे रीति रिवाज के साथ की। महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर चढ़ाकर सिंदूर खेला। ढोल की थाप पर धुनुची लिए नाची और मां दुर्गा के जयकारे लगा। सेक्टर 4 सामुदायिक भवन में कलिंगा कल्चरल वेलफेयर एसोसिएशन के दुर्गा पूजा पंडाल में बुधवार को हवन किया गया। इसमें काफी संख्या में सदस्यों ने हवन किया। गुरुग्राम में करीब 50 जगहों सामूहिक रूप से पंडाल बनाकर मां दुर्गा की पूजा की गई, जहां बुधवार को अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार विदाई और विसर्जन का कार्यक्रम संपन्न हुआ।