गुरुग्राम में अहिंसा, विश्व शांति और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए समर्पित संस्था अहिंसा विश्व भारती ने अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने पर ‘शांति-सद्भावना वर्ष’ मनाने की घोषणा की है। शनिवार को सेक्टर-39 स्थित विश्व शांति केंद्र में आयोजित समारोह में उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और संस्था के संस्थापक आचार्य लोकेश ने अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान वक्ताओं ने समाज में अहिंसा, आपसी विश्वास और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। आचार्य लोकेश ने कहा कि दुनिया आज संघर्ष, हिंसा, वैचारिक मतभेद और सामाजिक विभाजन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में भगवान महावीर का अहिंसा, अनेकांतवाद, करुणा और विश्व मैत्री का संदेश अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि संस्था की दो दशक की यात्रा अहिंसा, नैतिकता, धार्मिक सद्भाव और मानवीय एकता को मजबूत करने के संकल्प को समर्पित रही है। पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने संस्था को बधाई देते हुए कहा कि शांति, सद्भावना, अनुशासन और मानवीय मूल्यों से ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है। विकास के साथ समाज में आपसी विश्वास, संवेदनशीलता, नैतिकता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक संस्थाएं विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द बढ़ाने और समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।