आईटीएस डेंटल कॉलेज के ओरल पैथोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी विभाग के द्वारा 32वें नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजिस्ट्स के उद्घाटन समारोह आयोजन किया गया। तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में विभिन्न कॉलेजों से 700 से अधिक एमडीएस के छात्रों, दंत विभागों के एचओडी, दंत चिकित्सक ने भाग लिया। शुभारंभ मुख्य विशिष्ट अतिथि रिटायर्ड जस्टिस आरबी मिश्रा, गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. महेश वर्मा, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव मिश्रा, डॉ. श्रीनिवास एस. वानकी, डॉ. एन गुरुराज, सेक्रेटरी, चेयरमैन डॉ. आरपी चड्ढा, वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा और डायरेक्टर-प्रिंसिपल डॉ. देवी चरण शेट्टी ने मां सरस्वती की प्रतिमा सामने दीप प्रज्वलित कर किया। रिटायर्ड जस्टिस आरबी मिश्रा ने छात्रों के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा किये। प्रोफेसर संजीव मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होता है, बल्कि नये दृष्टिकोण और विचारों को भी प्रोत्साहन मिलता है। डॉ.संजीव ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी को प्रेरित किया कि वे लगातार सीखते रहे और अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने की कला में निपुण हो। प्रो.डॉ.महेश वर्मा ने कहा ऐसे मंच दंत चिकित्सा के क्षेत्र में नई दिशा और दृष्टिकोण प्रदान करने में सहायक होते है। चेयरमैन डॉ. आरपी चड्ढा द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। डॉ शिवापाथसुंदरम बी. एवं डॉ सुष्मिता सक्सेना को उनके जीवन भर के योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। डॉ. जयंता चट्टोपाध्याय, डॉ वरूण सूर्या, डॉ रघु धनापाल, डॉ दीपु जॉर्ज मैथ्यू, डॉ प्रेम कार्तिक एवं उनकी टीम ने ओरल पैथोलॉजी के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिये। इसके अलावा डॉ. दीपक एवं उनकी टीम ने फोरेंसिक ओडोंटोलॉजी के क्षेत्र मे नवीनतम जानकारी प्रदान की। इस आयोजन का उद्देश्य ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजी में नवीन शोध, क्लीनिकल अपडेट्स व एकेडमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।