Guru Gochar 2025: साल 2025 में गुरु का गोचर बहुत ही खास रहने वाला है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देवगुरु बृहस्पति करीब 13 महीनों के बाद ही राशि परिवर्तन करते हैं। लेकिन इस वर्ष गुरु अतिचारी होकर दो बार राशि परिवर्तन करेंगे और दो बार इनकी चाल में बदलाव आएगा। गुरु के दो बार गोचर होने पर यह अतिचारी होकर सभी राशियों पर प्रभाव डालेंगे।
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Guru Gochar 2025: गुरु को शुभ, अच्छा फल देने वाला और एक सौम्य ग्रह माना जाता है।
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Guru Gochar 2025: नववर्ष 2025 अब आरंभ हो चुका है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर वर्ष ग्रहों के गोचर और उसके चाल में बदलाव का प्रभाव देश-दुनिया के साथ हर एक राशि के जातकों के जीवन पर अवश्य ही पड़ता है। साल 2025 में सभी ग्रहों में शुभ फल प्रदान करने वाले देवगुरु बृहस्पति करीब एक वर्ष बाद राशि बदलने वाले हैं। ऐसे में इस साल गुरु कब, किस समय और किस स्थितियों में राशि परिवर्तन करेंगे इसको जानना ज्योतिषीय द्दष्टिकोण से बहुत ही जरूरी हो जाता है। शास्त्रों में देवगुरु का विशेष महत्व होता है। गुरु के प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब भी गुरु अस्त होता है तो सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य कुछ समय के लिए रूक जाते हैं। शुभ ग्रहों की श्रेणी में आने वाले देवगुरु बृहस्पति का गोचर हर एक मायने में विशेष है।
ज्योतिष शास्त्र में गुरु का महत्व
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह का विशेष महत्व होता है। गुरु को शुभ, अच्छा फल देने वाला और एक सौम्य ग्रह माना जाता है। देवगुरु बृहस्पति को दो राशियों धनु और मीन राशि का स्वामित्व मिला हुआ है। गुरु कर्क राशि में उच्च के होते हैं। जातक के जीवन में गुरु ग्रह का प्रभाव उनके विवाह, शिक्षा, संतान, धन, धर्म और करियर का कारक माना जाता है। ज्योतिष में गुरु ग्रह को तीन द्दष्टियां पांचवी, सातवीं और नौंवी द्दष्टि मिली हुई है। जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह शुभ भाव और मजबूत स्थिति में होते हैं उनके जीवन में ढ़ेर सारा धन, वैभव, मान-सम्मान और तरक्की की प्राप्ति होती है।
साल 2025 में गुरु ग्रह की चाल
गुरु ग्रह शनिदेव के बाद दूसरे ऐसे ग्रह हैं जो सबसे धीमी चाल से चलते हैं। गुरु ग्रह हर एक राशि में करीब 13 महीनों तक रहते हैं, फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में उच्च के जबकि मकर राशि में नीच के माने जाते हैं। साल 2025 में गुरु ग्रह राशि परिवर्तन करने वाले हैं। गुरु ग्रह साल 2025 में दो बार राशि परिवर्तन करते हुए तीन गुना अतिचारी रहेंगे। गुरु ग्रह का साल 2025 में पहली बार गोचर 15 मई को मिथुन राशि में होगा। फिर इसके बाद दूसरा गोचर 19 अक्तूबर को कर्क राशि में होगा। साल 2025 में गुरु कर्क राशि में रहते हुए अपनी उच्च अवस्था में होंगे। ऐसे में कुछ राशि वालों को इसका विशेष लाभ मिलेगा। 11 नवंबर 2025 को गुरु ग्रह कर्क राशि में रहते हुए वक्री हो जाएंगे। फिर इसी अवस्था में रहते हुए 04 दिसंबर 2025 को फिर से मिथुन राशि में गोचर हो जाएंगे। इस तरह से साल 2025 में गुरु ग्रह वृषभ राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए मिथुन राशि में ,फिर मिथुन राशि से चंद्रमा की राशि कर्क में गोचर होंगे और कर्क राशि से निकलकर वक्री होकर मिथुन राशि में गोचर करेंगे। 09 जून 2025 को गुरु अस्त हो जाएंगे और 09 जुलाई को उदय हो जाएंगे। इस तरह से गुरु के साल 2025 में दो बार गोचर होने से अतिचारी होंगे। साल 2025 में गुरु के गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर किस तरह से पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण।
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guru transit 2025
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साल 2025 में मेष राशि पर गुरु का प्रभाव
राशिचक्र की पहली राशि मेष में गुरु नवम और द्वादश भाव के स्वामी होते हैं। नवम भाव भाग्य और धर्म का जबकि द्वादश भाव व्यय का माना जाता है। साल 2025 में गुरु का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में होगा। कुंडली का तीसरा भाव साहस और पराक्रम का होता है। गुरु बृहस्पति आपके तीसरे भाव में विराजमान होकर सप्तम, नवम और एकादश भाव पर अपनी शुभ द्दष्टि डालेंगे। गुरु के साल 2025 में राशि परिवर्तन का शुभ प्रभाव मेष राशि के जातकों पर रहने वाली है। भाग्य में वृद्धि के योग बन रहे हैं। साल 2025 में धार्मिक यात्राएं ज्यादा होंगी। व्यापार में तरक्की और धन लाभ के अच्छे योग होंगे। देवगुरु की शुभ द्दष्टि होने से बिजनेस में तरक्की, वैवाहिक जीवन में सुख-शांति, कार्य में सफलता और आमदनी में बढ़ोतरी के योग बनेंगे। समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी। जिन लोगों का विवाह अभी नहीं उनका साल 2025 में विवाह हो सकता है।
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गुुरु राशि परिवर्तन और वृषभ राशि पर प्रभाव
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साल 2025 में वृषभ राशि पर गुरु का प्रभाव
वृषभ राशि के जातकों के लिए साल 2025 में गुरु का गोचर विशेष उन्नति दिलाने में सहायक होगा। नौकरी और कारोबार में तरक्की और लाभ के योग बनेंगे। वृषभ राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति अष्टम और एकादश भाव के स्वामी होकर साल 2025 में मिथुन राशि में गोचर करने पर यह आपके दूसरे भाव यानी धन भाव में प्रवेश करेंगे। कुंडली के दूसरे भाव से धन, वाणी, परिवार और संचित धन का विचार किया जाता है। साल 2025 में गुरु मिथुन राशि में प्रवेश करने से वृषभ राशि के जातकों के लिए दूसरे भाव में विराजमान होकर छठे, अष्टम और दशम भाव पर द्दष्टि रखेंगे। गुरु के गोचर करने से इस राशि के जातकों को पैतृक संपत्ति, अचानक से धन लाभ और व्यापार में अच्छा मुनाफा प्राप्त के योग होगा। गुरु के गोचर करने से वैवाहिक जीवन और संतान सुख की प्राप्ति होगी। साल 2025 में आपके लिए धन संचय में कुछ परेशानियां आ सकती हैं।
साल 2025 में गुरु गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव
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साल 2025 में मिथुन राशि पर गुरु का प्रभाव
मिथुन राशि के जातकों के लिए साल 2025 में देवगुरु बृहस्पति का गोचर बहुत ही लाभकारी साबित होगा। मिथुन राशि में गुरु का गोचर आपके जीवन में काफी प्रभावशाली रहेगा। इस साल जो लोग संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं उनका सपना पूरा हो सकता है। मिथुन राशि के जातकों के लिए गुरु सप्तम और दशम भाव के स्वामी होते हैं। साल 2025 में देवगुरु बृहस्पति का गोचर आपके लग्न भाव में होगा। ऐसे में आपके विचार और व्यक्तित्व में काफी बदलाव देखने को मिलेगा। साल 2025 में गुरु लग्न भाव में विराजमान होकर आपके पंचम, सप्तम और नवम भाव में द्दष्टि रखेंगे। इससे शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को अच्छी सफलता और दांपत्य जीवन में सुख और संतान की प्राप्ति होती है। भाग्य का अच्छा साथ पूरे वर्ष मिलेगी। जो कार्य अटके चल रहे थे वह साल 2025 में गुरु के गोचर होने के बाद से पूरे होने लगेंगे। जो लोग साल 2025 में विवाह करने के इच्छुक हैं उनका विवाह हो सकता है। धन संबंधित समस्याएं दूर होंगी। नौकरी के लिए अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं और व्यापार में तरक्की और मुनाफे के योग बनेंगे।
गुरु गोचर का साल 2025 में कर्क राशि पर प्रभाव
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साल 2025 में कर्क राशि पर गुरु का प्रभाव
साल 2025 में गुरु का गोचर आपके लिए द्वादश भाव में होगा। कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु छठे और नवम भाव के स्वामी होते हैं। कुंडली का द्वादश भाव व्यय, खर्च और आध्यात्म को दर्शाता है। देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि में परिवर्तन करने पर इनकी शुभ द्दष्टि आपक चौथे, छठे और अष्टम भाव पर होगी। साल 2024 में गुरु आपके द्वादश भाव में प्रवेश करने पर धर्म-कर्म के प्रति आपका रूझान बढ़ेगा। धार्मिक कार्यों में आप अच्छा खासा धन खर्च करेंगे। इस दौरान धार्मिक यात्राओं का योग भी बनेगा। इसके अलावा परिवार के सुख के संसाधनों में वृद्धि होगी। आपको अच्छी खबरें सुनने को मिल सकती है। भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। उत्तम शिक्षा, सुख-शाांति और वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा।
साल 2025 में गुुरु गोचर का सिंह राशि पर प्रभाव
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साल 2025 में सिंह राशि पर गुरु का प्रभाव
सिंह राशि राशिचक्र की पांचवी राशि होती है। सिंह राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति पंचम और अष्टम भाव के स्वामी होते हैं। साल 2025 में गुरु का मिथुन राशि में गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए एकादश भाव में होंगे। एकादश भाव इच्छापूर्ति और आमदनी का माना जाता है। गुरु के गोचर से आपको जीवन में अच्छी सफलता प्राप्त के योग बन रहे हैं।
साल 2025 में गुरु मिथुन राशि में गोचर करेंगे।
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साल 2025 में कन्या राशि पर गुरु का प्रभाव
कन्या राशि वालों के लिए साल 2025 कार्यक्षेत्र में चतुराई के साथ काम लेने का समय रहेगा। कन्या राशि के लोगों के लिए देवगुरु बृहस्पति चौथे और सप्तम भाव के स्वामी होते हैं और साल 2025 में मिथुन राशि में गोचर करने के दौरान देवगुरु बृहस्पति दशम भाव में प्रवेश करेंगे। दशम भाव कर्म का भाव माना जाता है। ऐसे में आपको अपने कार्यक्षेत्र में कुछ छोटी-मोटी परेशानियों से जूझना पड़ सकता है।
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साल 2025 में गुुरु गोचर का तुला राशि पर कैसे रहेगा प्रभाव
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साल 2025 में तुला राशि पर गुरु का प्रभाव
साल 2025 में गुरु के मिथुन राशि में गोचर होने से यह आपके नवम भाव यानी भाग्य भाव में प्रवेश करेंगे। वहीं तुला राशि के जातकों के जातकों के लिए गुरु आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं। गुरु का गोचर आपके नवम भाव में होने से भाग्य में वृद्धि और धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। आपको अपने प्रयासों में अच्छी सफलता मिलेगी।
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guru transit 2025
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साल 2025 में वृश्चिक राशि पर गुरु का प्रभाव
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर अच्छा नहीं कहा जा सकता है। इस राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में कुछ अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। वृश्चिक राशि के जातकों के लिए गुरु दूसरे और पंचम भाव के स्वामी हैं और साल 2025 में मिथुन राशि में गोचर होने से यह आपके अष्टम भाव में रहेंगे। गुरु का गोचर आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं।
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guru gochar 2025
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साल 2025 में धनु राशि पर गुरु का प्रभाव
धनु राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति पहले और चौथे भाव के स्वामी होते हैं। साल 2025 में गुरु का मिथुन राशि में गोचर आपके सप्तम भाव में होने जा रहा है। गुरु साल 2025 में सप्तम भाव में विराजमान होकर आपके एकादश, पहले और तीसरे भाव पर अपनी शुभ द्दष्टि रखेंगे। गुरु का गोचर सप्तम भाव में होने से धनु राशि वालों के लिए शुभ संकेत हैं। कुंडली के सातवें भाव से साझेदारी और जीवनसाथी का विचार किया जाता है। ऐसे में जो लोग किसी के साथ मिलकर कोई काम-धंधा करते हैं तो उनके लिए साल 2025 में गुरु बहुत बड़ा लाभ दिला सकते हैं। वहीं जिन जातकों का विवाह नहीं हो रहा है उनका विवाह तय हो सकता है। साल 2025 में गुरु का गोचर इस राशि के जातकों के जीवन में मधुरता और संपन्नता लाएगा। आपकी आमदनी में वृद्धि के संकेत हैं। इस तरह से धनु राशि के जातकों के लिए देवगुरु बहुत ही शुभ साबित होंगे।
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गुरु गोचर 2025: मकर राशि पर गुरु का प्रभाव
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साल 2025 में मकर राशि पर गुरु का प्रभाव
साल 2025 में गुरु का राशि परिवर्तन मकर राशि वालों के लिए मिला-जुला साबित होगा। मकर राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति तीसरे और द्वादश भाव के स्वामी होकर साल 2025 में आपकी राशि से छठे भाव में गोचर करेंगे। छठे भाव में गोचर से आपकी सेहत में बुरा प्रभाव देखने को मिल सकता है। साल के कुछ महीनों में सेहत संबधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ आपको नौकरी में कुछ अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं। खर्चों में बढ़ोतरी भी हो सकती है। जीवनसाथी का अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। अविवाहित जातकों को विवाह के योग भी बनेंगे। नौकरी में प्रमोशन के योग और व्यापार में अच्छा मुनाफा भी हासिल हो सकता है। गुरु छठे भाव में विराजमान होकर गुरु की द्दष्टि आपके दशम भाव, द्वादश भाव और द्वितीय भाव पर जा रही है।
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साल 2025 में गुरु का गोचर होगा।
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साल 2025 में कुंभ राशि पर गुरु का प्रभाव
साल 2025 में गुरु का गोचर कुंभ राशि वालों के लिए आर्थिक समृद्धि, कार्यों में सफलता, हर एक इच्छाओं की पूर्ति करने वाला और आमदनी में अच्छा इजाफा होने के प्रबल योग दिखाई दे रहा है। कुंभ राशि वालों के लिए देवगुरु बृहस्पति दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। 14 मई 2025 को गुरु का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होगा। कुंडली के पंचम भाव से विद्या और संनान के सुख के बारे में विचार किया जाता है। गुरु के राशि परिवर्तन का सकारात्मक प्रभाव नौकरीपेशा जातकों को देखने के मिलेगा। नौकरी पद, प्रतिष्ठा और वेतन में अच्छी बढ़ोतरी के योग हैं। आपकी राशि से पंचम भाव में गुरु के गोचर करने से यह आपके नवम, एकादश और लग्न भाव पर अपनी शुभ द्दष्टि डालेंगे। साल 2025 में कुंभ राशि वालों को शिक्षा में उत्तम सफलता मिलेगी। उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले जातकों अच्छी सफलता मिलेगी। संतान से जुड़ी शुभ सूचनाएं आपको प्राप्त होंगी। हालांकि जब देवगुरु आपके छठे भाव में आएंगे तो सेहत और धन संबंधी मामलों में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
गुरु गोचर का मीन राशि वालों पर फल
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साल 2025 में मीन राशि पर गुरु का प्रभाव
साल 2025 में गुरु का गोचर मीन राशि वालों के लिए काफी अहम रहने वाला होगा। देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि के स्वामी होने के साथ-साथ दशम भाव के स्वामी होते हैं और इनका गोचर साल 2025 में आपकी राशि से चौथे भाव में होने जा रहा है। यह गोचर आपके जीवन में उतार-चढ़ाव को देखने को मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों संग सामंजस्य बनाना होगा। कार्य में अच्छा परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको ज्यादा मेहनत करने की जररूत होगी। देवगुरु बृहस्पति आपके चौथे भाव में विराजमान होकर आपके अष्टम भाव, दशम और द्वादश भाव पर अपनी द्दष्टि डालेंगे। यहां से गुरु आपके खर्चों में वृद्धि, आयु में वृद्धि और दांपत्य जीवन में अच्छा परिणाम देंगे। कामकाज को लेकर आप इस दौरान कई तरह की यात्राएं करेंगे। वहीं दूसरी ओर जब अक्टूबर माह में गुरु पंचम भाव में गोचर करेंगे। तो आर्थिक सुख और समृद्धि के लिहाज से अच्छा रहेगा।