हमें हिंदी से मौखिक प्यार है
लेकिन 'रिटिन' में लव अंग्रेज़ी से करते हैं
मिलते हैं, तो करते हैं- हाय
जाते हैं, तो करते हैं- बाय
लेने नहीं,
अतिथि को अब हम 'रिसीव' करते हैं
छोड़ना कब का हम भूल चुके
अब हर एक को हम 'सी ऑफ़' करते हैं
हमारे घर का 'ईश्वर'
एक अगरबत्ती के लिए तरसता है
यह अलग बात है कि बात-बात पर हमें
'ओह माय गोड़' कहना आ गया है
'क्षमा कीजिएगा' कहने में
हमारी जीभ लड़खड़ाती है
और हमें ख़ुद नहीं मालूम
हम कितनी बार 'सॉरी-सॉरी' करते हैं
हिंदी हमारी मातृभाषा है
लेकिन हम ही रस्मी तौर पर मानते हैं
हिंदी सप्ताह,
हिंदी पखवाड़ा,
हिंदी माह
सचमुच हमें हिंदी से बहुत प्यार है
अतिरिक्त भाषा का जानना बुरा नहीं है
और न ही बुरा है
किसी भाषा का विशेषज्ञ होना
मातृभाषा के साथ-साथ
अन्य भाषा का जानना तो
बहुत अच्छी बात है
हम ग्लोबल भाषा को जानने के फ़ायदे भी जानते हैं
लेकिन मेरे दोस्तों
अबकी बार किसी अन्य भाषा में
गिटपिटाने से पूर्व याद कर लेना
जब तुम्हारा जन्म हुआ था
तो पहली बार तुम किस भाषा में रोए थे
और तुम्हारी माँ ने सर्वप्रथम तुम्हें
किस भाषा में पुकारा था
- ये शायरी इंटरनेट की दुनिया में लोकप्रिय है। इनके रचनाकार का नाम पता नहीं चल सका। अगर आपको लेखक का नाम मालूम हो तो ज़रूर बताएं। शायरी के साथ शायर का नाम लिखने में हमें ख़ुशी होगी।