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Hindi Ghazal: नयनों में जिसने भर लिया करुणा, क्षमा के रूप को

काव्य डेस्क

Urdu Adab
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                            नयनों में जिसने भर लिया करुणा, क्षमा के रूप को
        
                                                    
                            
वो ही समझ सकता है केवल उर्मिला के रूप को

है दृष्टि सबके पास लेकिन श्रेष्ठ दृष्टा है वही
आकाश बनकर देखता है जो धरा के रूप को

भावी अतीत और वर्तमान इक संग में दिख जाएँगे
अवसर मिले तो देखना माता पिता के रूप को

दासी कहोगे तो स्वयं भी दास ही कहलाओगे
इक वीर बनकर देखिए वीरांगना के रूप को

जो स्वर्ग से सीधे उतरकर घर में आयी आपके
बाँहों में भरकर देखिए उस अप्सरा के रूप को

~ नवीन सी. चतुर्वेदी

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एक महीने पहले
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