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आज का शब्द: आलंबन और आलोक रंजन की कविता- मैं तुम्हारे प्यार को सात आसमान कह देता हूँ

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                                                  'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- आलंबन, जिसका अर्थ है- सहारा, आश्रय, रस में एक विभाग जिसके अवलंब से रस की उत्पत्ति होती है, जैसे— शृंगार रस में नायक और नायिका, रौद्र रस में शत्रु। प्रस्तुत है आलोक रंजन की कविता-  मैं तुम्हारे प्यार को सात आसमान कह देता हूँ 

अभी मेरे शब्द हैं मेरे पास 
जिनमें भाव हैं और अर्थ भी 
इनमें संदर्भ नहीं हैं 

मैं लिख ज़रूर देता हूँ 
प्यार, आसमान, मुस्कान और चाँद 
लेकिन तुमसे अलग रहकर 
वे खड़े नहीं रहते 

संदर्भ को मैं 
नींव मानता हूँ 
हम दोनों की, 
कविता की 

मैं तुम्हारे प्यार को 
सात आसमान कह देता हूँ 
तुम्हारी मुस्कान 
बन उठता है चाँद 
तो शब्दों के अर्थ भी 
पिघल जाते हैं 
नहीं पिघलता है तो 
बस तुम्हारा मन... 
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तुम्हारा मन 
मेरे शब्दों का संदर्भ है 
आलंबन है भावों का 
और आश्रय मेरा... 

अब इसे ठीक उसी तरह देखो 
जैसी कि यह दशा है 
तो रंग के भंग हो जाने की टीस 
तुम्हें भी महसूस होगी... 
2 वर्ष पहले
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