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तेरे जैसा यार कहां, कहां ऐसा याराना याद करेगी दुनिया... दोस्ती पर बेहतरीन 5 गाने

दीपाली अग्रवाल

Mere Azeez Filmi Nagme
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संसार के बाकी रिश्तों के इतर दोस्ती का संबंध ही एकमात्र ऐसा होता है जिसमें आप पूरे विश्वास के साथ अपने दुख-सुख का विनिमय कर सकते हैं। दोस्त मानो आपके मन की ही प्रतिकृति होते हैं जो आपके चेहरे से ही आपका हाल बता सकते हैं। ऐसे दोस्त ज़िंदगी से कम नहीं होते बल्कि कई दफ़ा वही हमारी ज़िंदगी भी बन जाते हैं। इस ख़ास रिश्ते पर शायरों ने तो बहुत कुछ कहा ही फ़िल्मों में भी कई गीत लिखे गए।

फ़िल्म: याराना (1981)
गीतकार: अंजान

तेरे जैसा यार कहाँ, कहाँ ऐसा याराना
याद करेगी दुनिया, तेरा मेरा अफ़साना

मेरी ज़िन्दगी संवारी, मुझको गले लगा के 
बैठा दिया फ़लक पे, मुझे ख़ाक से उठा के
यारा तेरी यारी को, मैंने तो ख़ुदा मान


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शोले (1975) / गीतकार- आनंद बक्षी

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे
तोड़ेंगे दम मगर
तेरा साथ ना छोड़ेंगे

मेरी जीत, तेरी जीत
तेरी हार, मेरी हार
सुन ऐ मेरे यार
तेरा ग़म, मेरा ग़म
मेरी जान, तेरी जान
ऐसा अपना प्यार
ज़ान पे भी खेलेंगे
तेरे लिये ले लेंगे
सबसे दुश्मनी

पल (2000) / गीतकार - महबूब

यारों दोस्ती बड़ी ही हसीन है
ये ना हो तो क्या फिर, बोलो ये ज़िन्दगी है
कोई तो हो राज़दार
बेगरज तेरा हो यार
कोई तो हो राज़दार

यारों मोहब्बत ही तो बन्दगी है
ये ना हो तो क्या फिर, बोलो ये ज़िन्दगी है
कोई तो दिलबर हो यार
जिसको तुझसे हो प्यार
कोई तो दिलबर हो यार

दोस्ताना (1980) / गीतकार - आनंद बक्षी

बने चाहे दुश्मन ज़माना हमारा
सलामत रहे दोस्ताना हमारा

वो ख्वाबों के दिन ,वो किताबों के दिन
सवालों की रातें, जवाबों के दिन
कई साल हमने गुज़ारे यहाँ
यहीं साथ खेले हुए हम जवाँ
था बचपन बड़ा आशिकाना हमारा

दिल चाहता है (2001) / गीतकार- जावेद अख्तर

दिल चाहता है
कभी ना बीतें चमकीले दिन
दिल चाहता है
हम ना रहें कभी यारों के बिन
दिन-दिन भर हों प्यारी बातें
झूमें शामें गायें रातें
मस्ती में रहे डूबा-डूबा हमेशा समाँ
हमको राहों में यूँ ही मिलती रहें खुशियाँ

जगमगाते हैं, झिलमिलाते हैं अपने रास्ते
ये खुशी रहे रौशनी रहे अपने वास्ते

जहाँ रुकें हम जहाँ भी जाएं
जो हम चाहें वो हम पाएं.
कैसा अजब ये सफ़र है
सोचो तो हर इक ही बेखबर है
उसको जाना किधर है
जो वक़्त आए, जाने क्या दिखाए

7 वर्ष पहले
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