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मुंतजिर है

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर फूल मुंतजिर है,बहार के लिए।
        
                                                    
                            
क्या लायेगा मौसम,खार के लिए।।

दूरियों मे, कुरबतें भी चाहिए हमे।
तदबीर कुछ करें,यूं दरार के लिए।।

-यूनुस खान
2 वर्ष पहले
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