हर फूल मुंतजिर है,बहार के लिए।
क्या लायेगा मौसम,खार के लिए।।
दूरियों मे, कुरबतें भी चाहिए हमे।
तदबीर कुछ करें,यूं दरार के लिए।।
-यूनुस खान
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