गुमसुम ये पन्ने,
खामोश ये लफ्ज़,
कैसी ये वक्त की मारी है,
जमा है कुछ नया,
मुश्किलें कुछ भारी है,
जरा रुको - जरा रुको,
तरक्की अभी जारी है।
ख्याल कुछ नए है,
निशान कुछ पुराने है,
ज़ख्मों को भरना अभी बाकी है,
जरा रुको - जरा रुको,
एक मुलाकात अभी बाकी है।
इंतजार है कल का,
मुकाबला अभी बाकी है,
जरा रुको - जरा रुको,
चुनौती देना अभी बाकी है।
खो चुका हूँ खुद को,
ढूंढना अभी बाकी है,
जरा रुको - जरा रुको,
एक बार मिल जाने दो उसे,
जिसकी तलाश अभी बाकी है।