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चलो राधा की गली, चलो शाम की गली।              

Vijay Lakshmi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चलो राधा की गली, चलो शाम की गली।
        
                                                    
                            
मेरे कुंज बिहारी, घनश्याम की गली ।।
चलो राधा की गली, चलो शाम की गली।।
राधा रानी का श्रृंगार करेंगे,
कान्हा के संग रास करेंगे।।
दोनों की निहारेंगे प्यारी छवि।
चलो राधा की गली, चलो शाम की गली।।
कान्हा को बुलाएंगे, राधा को बुलाएंगे।
दोनों को संग संग, झूला झुलाएंगे।।
मनोहारी छवि, राधा श्याम की।
बलिहारी जाऊं देखी प्यारी छवि।
चलो राधा की गली, चलो श्याम की गली।।
                
एक महीने पहले
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