विज्ञापन

पश्चाताप

User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वक्त रहते चेहरे के पिछे की सच्चाई जान लेते
        
                                                    
                            
तो शायद यह दर्द इतना गहरा न होता
जो आज जान कर पछता रहे हैं।
3 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10736 कविताएं

View Profile