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एक दिन दरिया बन कर लौटोगे

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उड़ चले जो हवा के संग
        
                                                    
                            
कभी कहीं तो जा कर बरसोगे
मैं समन्दर हूं बांहें फैलाए
एक दिन दरिया बन कर लौटोगे
5 घंटे पहले
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