विज्ञापन

भरम था शायद

User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भरम था शायद जो टुट के बिखर गए
        
                                                    
                            
तकलीफ़ तो बहुत है मगर
घांस चरने गई अकल अब ठिकाने पर है
4 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Pandey

461 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10782 कविताएं

View Profile