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तहजीब से खामोशी थाम रखी

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कितने तहजीब से खामोशी थाम रखी तुमने।
        
                                                    
                            
उदासी के बाजार को 'उपदेश' उछाला तुमने।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
2 घंटे पहले
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