ऐ दुनिया अजब- गजब दास्तां दिखाती है।
मोहब्बत तो किसी ओर से होती है।
लेकिन, रिश्ता कोई ओर निभाता है।
पर एहसास कोई ओर दिलाता है।
- तुलसी राम