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याद उनकीआती रही

Sudha Goyal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमको याद उनकी आती रही
        
                                                    
                            
दिल धडकता रहा पर चुप सा रहा
मौन ने भी अनकहा कितना कहा
याद उनकी पल पल दिलाता रहा.
बातों बातों में उनका छू जाना मुझे
हर पल रोमांचित करता रहा
ठगी सी रही बस देह ये हमारी
याद उनकी हमें आज आती रही.
वो मुस्कराए तो कितनी कलियाँ खिलीं
गुलमोहर गालों पर मचलने लगे
छूकर उन्हें जाने कितनी तरगें
तन मन को तरंगित करने लगीं.
छुआ होठों को उन्होनें जरा सा
खुशबुएं देह से उठने लगीं
आलिंगन में ले विदा जब भी मांगी
देह साथ उनके जाने लगी.
हाय मैं मैं न रही मन मचलने लगा
तेरी छुअन को सहलाता रहा
दिल में प्यार का सागर लिए
मेरे साथ तू भी मचलता रहा.

 
4 घंटे पहले
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