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सूरज की सुनहरी मोहक किरणें

Sooba Lal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सूरज की सुनहरी मोहक किरणें,
        
                                                    
                            
यमुना की लहरों में तैर रही हैं।
मीन खुशहाल है उन लहरों में,
स्वर्णिम छटा बिखेर रही हैं।

नज़रें एकाग्रता खो-खोकर,
इत उत लहरों संग खेल रही हैं।
हिलती रश्मि लहरों के मध्य,
मेरी छवि संग-संग डोल रही है।

उस आभामय दृश्य में डूबी,
पलकें नयनों को चूम रही हैं।
थककर मन भाव-विभोर हुआ,
चाहत जलमध्य ही घूम रही है।

नीलाम्बर जल में विलीन हुआ,
बिन रंग के ही जल नील हुआ।
एकचित्त हो उस दृश्य-पटल को,
मन ही मन मैं बटोर रहा हूँ।
-सूबा लाल "अंजाना"
3 घंटे पहले
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