धरती पर अभिशाप कोरोना, हम सब इस पर वार करें ।
आओ सब जन मिलकर, तत्पर हो इसका संहार करें ॥
महामारी यह खूब फैल रही, हमको इसे हराना है ।
मानव जाति की रक्षा कर, जीवन हमें बचाना है ॥
समय में हम ना जागे तो फिर, यह घर - घर आ जाएगी ।
नहीं बचेगी मानव जाति, भू सूनी हो जाएगी ॥
नित्य नहाएँ साफ रहें सब, बार – बार हम हाथ धुलें ।
बाहर से जब आएँ हम तो, हाथ,मुंह-पद सभी धुलें ॥
साफ सफाई नित्य करें और निर्मलता फैलाएँ अब ।
हानिप्रद विष-अणु कोरोना, जड़ से इसे मिटाएँ सब ॥
मास्क, रुमाल या गमछा, कपड़ा सब जन मुंह में बांध चलो ।
सुनलो हाथ से मुंह अपना अब कोई भी बिलकुल नहीं मलो ॥
पानी गंदा, खुला व दूषित बिलकुल अब तो नहीं पियो ।
बीमारी यह अतिघातक है, इसे हरा कई बरस जियो ॥
शाकाहारी बन जाओ सब, मांस का सेवन नहीं करो ।
मांसाहार से दूर रहो सब, इसका चिंतन नहीं करो ॥
मंत्रजाप भी उत्तम साधन, भगवत पूजन सदा करो ।
उनसे कहना हे भगवंता, विपदा यह अब बेगि हरो ॥
ऐसा करलें हम सब मिलकर, फिर विपदा टल जाएगी ।
इस धरती पर फिर सब देखना, खुशहाली छा जाएगी ॥
मानव जाति है संकट में, सब जन मिल उपचार करें ।
धरती पर अभिशाप कोरोना, हम सब इस पर वार करें ॥
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