वो बात जिससे तेरे चेहरे पे खुशी आई
मेरे लिए तो वही बात एक दुआ सी लगे
तेरी उदासी से खामोशी बढ़ गयी मेरी
तू जो मायूस हो बेचैनी बढ़ गयी मेरी
बहार मुझसे इजाजत ले बात करती है
खिले चमन में भी मौसमे खिजाँ सी लगे
वो बात जिससे तेरे चेहरे पे खुशी आई
मेरे लिए तो वही बात एक दुआ सी लगे
उदास जब भी कोई बात तुझको करती है
सभी बतादे जो उलझन सी हुई रहती है
निसान खुशियों की आँखें तलाश करती है
नही मिले तो फिर दुनिया मुझे वीरां सी लगे
वो बात जिससे तेरे चेहरे पे खुशी आई
मेरे लिए तो वही बात एक दुआ सी लगे
मुझे खुशी हो जो तू जख्म दिखादे मुझको
हरेक लिहाज से मरहम मैं लगा दूँ तुझको
वो कौन बात है परदा जो मुझसे करती है
हरेक बात मुझे अपने से जुड़ी सी लगे
वो बात जिससे तेरे चेहरे पे खुशी आई
मेरे लिए तो वही बात एक दुआ सी लगे
सरोज यादव सरु
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