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चांद धीरे-धीरे मुस्कुरा रहा है

Sandhya tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            देख रास्ता चंद धीरे-धीरे मुस्कुरा रहा है।
        
                                                    
                            
रात घनेरी जाग रहे हैं
धीरे-धीरे चोरी चोरी चुपके चुपके
कोई प्रेम कहानी जाग रही है ।।

किसी की यादों में खोया हुआ दिल
आज फिर कुछ कह रहा है
थम सा गया ये सारा जमाना
समा सुहाना जादू कर रहा है।।

उत्तर रहे हैं कलियां फूलों की बहार में
खुशबू बिखर रही है हवाओं में
रात जवानी जाग रही है धीरे-धीरे
कोई गीत बज रहा फिजाओं में

चांद मुस्कुरा कर यूं कर रहा इशारे
जैसे जानता हो दिल के राज सारे
इंतजार में नैना अब थकते नहीं
नींद आती है मगर सोते नही ।।

कोई प्रेम दीवाना नींद चुरा के ले गया
यादों का दीपक दिल में जल गया
दहलीज पर हमारी रात ठहर सी गई
और नींदे जाने कहां चली गयी ।।

इस जहां की चांदनी रातों से पूछौं
आ गए हम कहां अब किससे पूछो
किस मोड़ पर छूट गयी दुनिया सारी
कहां ख्यालो में रात हमारी
देख रास्ता चंद धीरे-धीरे मुस्कुरा रहा है।
रात घनेरी जाग रहे हैं
किसी की यादों में कोई प्रेम कहानी जाग रही है
4 घंटे पहले
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