विज्ञापन

सीखा ज्ञान भुलाना

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समझ में नहीं आता था
        
                                                    
                            
मुझे कभी भी ये तराना
कैसे संभव है सीखे हुए
ज्ञान को भुला पाना
जब शुरू करे परिस्थिति
कुछ आपको सिखाना
सीख जाएंगे सरलता से
सीखा ज्ञान भुलाना

लगता था ईमानदारी को
सही का साथ रहता है
पर अब मानते हैं वही
जो उनके हित में जाता है
हित नहीं उनका अगर
ईमान भी है बेकार
छोड़कर ईमान का ज्ञान
इसी धरा पर चलो यार
-संदीप सिंह ‘कुँवर’
7 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anurag vishwkarma (aiyaar)

8 कविताएं

View Profile

Priya Mehra

1 कविता

View Profile