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कोई जिगर तलाश कर

RATAN KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर मोड़ पर यूँ बैठ के शिकवा न कर ज़माने से,
        
                                                    
                            
कुछ अपने लिए भी कोई हुनर तलाश कर।

तूफ़ान अगर मिले तो सफ़र छोड़ मत कभी,
लहरों के बीच अपना कोई साहिल तलाश कर।
मंज़िल मिले न मिले, ये तेरा इख़्तियार है,
चलते हुए क़दमों में नया असर तलाश कर।

जो आज हाथ खाली हैं, कल भर भी जाएँगे,
बस अपने इरादों में नया दम तलाश कर।
किस्मत भी एक दिन तेरे दर पर झुकेगी,
पहले तू अपने भीतर कोई जिगर तलाश कर।
-रतन कुमार कैथवास
एक घंटा पहले
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