वैसे तो इश्क में होती हैं अनेको मुलाकात किंतु उसने सिर्फ मुलाकात एक करके देखी,
वैसे तो इश्क में होती हैं अनेको बात किंतु उसने इश्क में सिर्फ बात एक करके देखी,
एक तरफ जहां इश्क का विरोधी जमाना दिन और रात को देखता है सदा अलग-अलग,
वही उसने अपने सच्चे इश्क को हमेशा के लिए पाने हेतु दिन रात एक करके देखी|
-मनस्व