आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

इश्क में सिर्फ मुलाकात एक करके देखी

                
                                                         
                            वैसे तो इश्क में होती हैं अनेको मुलाकात किंतु उसने सिर्फ मुलाकात एक करके देखी,
                                                                 
                            
वैसे तो इश्क में होती हैं अनेको बात किंतु उसने इश्क में सिर्फ बात एक करके देखी,
एक तरफ जहां इश्क का विरोधी जमाना दिन और रात को देखता है सदा अलग-अलग,
वही उसने अपने सच्चे इश्क को हमेशा के लिए पाने हेतु दिन रात एक करके देखी|
-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
40 minutes ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर