विदेश की मोहब्बत, देश की ममता
विदेश में लड़का जिस लड़की से प्यार करता है,
उसी को पाने के लिए शादी करता है।
कहता है—
“ज़िंदगी मेरी है, फैसला भी मेरा होगा,
जिसे चाहा है, उसी के साथ अपना सवेरा होगा।”
और हमारे देश में कहानी थोड़ी अलग है,
यहाँ बेटा प्यार तो करता है,
मगर माँ की खुशी के आगे
अपनी मोहब्बत भी छोड़ देता है।
जिसे दिल से चाहा,
उसे अलविदा कहकर
किसी और के साथ सात फेरे ले लेता है।
विदेश में बेटा अपनी खुशी के लिए शादी करता है,
और यहाँ बेटा…
माँ की खुशी के लिए अपनी खुशी कुर्बान करता है।