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नज़रों से गिरने के बाद

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नज़रों से गिरने के बाद
        
                                                    
                            

मेरी नज़रों से गिरने के बाद,
तुम फ़लक का चाँद बनो
या आसमान का सितारा,
मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता।

कभी तुम्हारी चमक
मेरी आँखों में थी,
मगर जब विश्वास ही टूट गया,
तो रोशनी भी फीकी पड़ गई।

अब तुम्हारी ऊँचाई नहीं देखती मैं,
बस इतना जानती हूँ—
जो दिल से उतर जाए,
वो दुनिया की नज़रों में
कितना भी ऊँचा क्यों न हो,
मेरे लिए फिर कुछ नहीं।
-रजनी
2 घंटे पहले
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