अहंकार इंसान को अधूरा रखता है
अगर हमेशा अहंकार में रहोगे,
पैसे का घमंड, होशियारी का घमंड रखोगे,
तो इस दुनिया में सीखने को
तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं बचेगा।
क्योंकि जिसने खुद को पूर्ण मान लिया,
उसके भीतर सीखने की जगह कहाँ बचती है?
जिसे अपनी ही समझ पर नाज़ हो,
वह दूसरों की बात कहाँ सुन पाता है?
ज़िंदगी हर दिन कुछ सिखाती है,
हर इंसान कोई सबक दे जाता है,
मगर सीख वही पाता है
जो मानता है कि अभी बहुत कुछ जानना बाकी है।
पैसा हो या बुद्धि,
दोनों पर घमंड मत करना,
क्योंकि असली समझ यही है—
जितना जानो, उतना ही विनम्र रहना।
— रजनी