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वक़्त लगेगा

Rahul Sudan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कि जीत होने में,
        
                                                    
                            
बुराई की हार होने में,
वक़्त लगेगा ।

नारी का सम्मान होने में,
समाज में उसे बराबरी का हक़ मिलने में,
वक़्त लगेगा ।

सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी को मिटा कर,
ईमानदारी से काम करवाने में अभी,
वक़्त लगेगा ।

नेताओ के चुंगल से देश को छुड़ाकर,
पढ़े लिखे ईमानदारो के हाथों सौंपने में,
वक़्त लगेगा ।

देश तो हर पल बदल ही रहा है,
पर अभी और वक़्त लगेगा,
वक़्त लगेगा।


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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