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दिल पर दस्तक

Priyanka Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक राजकुमार ने दिल पे मेरे,इस तरह दस्तक दी
        
                                                    
                            
भूल के अपने गम मैं सारे,उसकी ओर ही चल दी।
कुछ बात थी उसकी बातों में
सुनती जब भी खो जाती,
कोई चमक थी उसकी आँखों में
पलकें मेरी झुक जाती,
प्यारी सी उन हरकतों में,ऐसी एक हरकत थी
भूल के अपने गम मैं सारे,उसकी ओर ही चल दी।
नाम में थी एक रौशनी सी
रौशन करना था जीवन भी,
जीवन का साथी यही है
कहता था ये मेरा मन भी,
प्यार भरे दिल से उसने,मेरे मन में शिरकत की
भूल के अपने गम मैं सारे,उसकी ओर ही चल दी।
सरताज है वो मेरे सपनो का
दिल को जब खबर लगी थी,
उस पल से अरमानों की
बारात सी निकल पड़ी थी,
देख उसे मैं समझ गई,यही मेरी हसरत थी
भूल के अपने गम मैं सारे,उसकी ओर ही चल दी।
एक राजकुमार ने दिल पे मेरे,इस तरह दस्तक दी
भूल के अपने गम मैं सारे,उसकी ओर ही चल दी॥


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले
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