एक राजकुमार ने दिल पे मेरे,इस तरह दस्तक दी
भूल के अपने गम मैं सारे,उसकी ओर ही चल दी।
कुछ बात थी उसकी बातों में
सुनती जब भी खो जाती,
कोई चमक थी उसकी आँखों में
पलकें मेरी झुक जाती,
प्यारी सी उन हरकतों में,ऐसी एक हरकत थी
भूल के अपने गम मैं सारे,उसकी ओर ही चल दी।
नाम में थी एक रौशनी सी
रौशन करना था जीवन भी,
जीवन का साथी यही है
कहता था ये मेरा मन भी,
प्यार भरे दिल से उसने,मेरे मन में शिरकत की
भूल के अपने गम मैं सारे,उसकी ओर ही चल दी।
सरताज है वो मेरे सपनो का
दिल को जब खबर लगी थी,
उस पल से अरमानों की
बारात सी निकल पड़ी थी,
देख उसे मैं समझ गई,यही मेरी हसरत थी
भूल के अपने गम मैं सारे,उसकी ओर ही चल दी।
एक राजकुमार ने दिल पे मेरे,इस तरह दस्तक दी
भूल के अपने गम मैं सारे,उसकी ओर ही चल दी॥
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