औरत का दिमाग़ तो घुटनों में होता है
औरतों ने ही रामायण और महाभारत करवा दी
औरत तो नरक का द्वार होती है
औरत ही सर्वनाश का कारण होती है
औरत जो न कराए वो कम है
इन्हें तो कोई काम धाम ही नहीं है
इनका जन्म तो सिर्फ रसोई के लिए ही हुआ है
जिस घर में औरत की बात मानी जाती है
उस घर का सत्यानाश हो जाता है
औरत हो धीमे बोलो
औरत हो कम बोलो
औरत हो मत खेलो
औरत हो ढंग से बैठो
औरत हो अकेले मत घूमो
औरत हो आस पास कोई कालेज देख लो
औरत होकर दूसरे शहर में पढ़ने जाओगी?
औरत होकर गाड़ी चलाओगी
औरत हो आस पास कोई काम देख लो
नौकरी के लिए दूसरे शहर जाओगी ?
आदि इत्यादि
इनकी गालियों में औरत
इनके जोक्स में भी औरत
फिर भी पर्दे में औरत
घर में कैद भी औरत
~प्रिया वर्मा प्रिया