तड़पती यादों को भी चैन से जीने दो दिल मेरा कोई पत्थर नहीं जता कर तुम बेखुदी अपनी फैसला हमें बदलने दो
कह के बात दिल की तुमसे फिर भी जुदा हो ना पाऊंगा परख कर अंदाज़ आपका अब तो आज हमको कहने दो
है ये दुनिया अजीब कितनी जान कर मिजाज़ वक्त का घबराए भी जरूर आकर सामने तेरे अब दर्द हमें कहने दो
बेचैन दिल ने भी दिया दर्द हमें बहुत लाकर करार दिल में हुआ जो बेकरार खुदा कसम आज तो सच हमें कहने दो
मजबूरी से बढ़ कर कोई सजा नहीं ये तुम क्या जानो बुझा कर चिराग़ ए दिल अपना अब फैसला कोई हमें लेने दो