विज्ञापन

खादी में निहित गांधीवादी मूल्य

Pradeep Mukherjee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            संज्ञा दी थी
        
                                                    
                            
महात्मा गांधी ने
खादी को
'स्वतंत्रता वर्दी' की
जैसा कि
पीटर गोंसाल्विस ने
लिखा था अपनी पुस्तक
'क्लोथिंग फॉर लिबरेशन'
में
खादी केवल एक परिधान
या वस्त्र न होकर
परिधान है
आज़ादी या मुक्ति का
खुरदरे खद्दर के रूप में
कभी बनी थी जो खादी
सादगी, समानता, स्वदेशी
और औपनिवेशिक सत्ता
के प्रतिरोध का प्रतीक
थी जो खादी
बदल गया है बेशक
आज रूप उसका
लेकिन खादी में निहित
गांधीवादी मुक्यों को क्या
भूल सकते हैं हम कभी?
4 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Pandit Chandradutt

2967 कविताएं

View Profile

PRAVEEN KUMAR

6 कविताएं

View Profile