संस्कृति की अद्भुत नाव से।
संस्कृति की संवाहिका से।
आमरी मातृभाषा पोवारी ,
समाज की अनमोल धरोहर से ।।
लेखनी की पतवार लक
भाषा मा होसे शक्ति संचार।
मातृभाषा की नाव लक,
संस्कृति की नैया होसे पार।।
कला की पतवार लक
भाषा मा होसे शक्ति संचार।
मातृभाषा की नाव लक,
संस्कृति की नैया होसे पार।।
संवाद की पतवार लक
भाषा मा होसे शक्ति संचार।
मातृभाषा की नाव लक,
संस्कृति की नैया होसे पार।।
सम्मेलनों की पतवार लक
भाषा मा होसे शक्ति संचार।
मातृभाषा की नाव लक,
संस्कृति की नैया होसे पार।।
साहित्य की पतवार लक
भाषा मा होसे शक्ति संचार।
मातृभाषा की नाव लक,
संस्कृति की नैया होसे पार।।
गीतों की पतवार लक
भाषा मा होसे शक्ति संचार।
मातृभाषा की नाव लक,
संस्कृति की नैया होसे पार।।
भाषा वैभव लक
भाषा मा होसे शक्ति संचार।
मातृभाषा की नाव लक,
संस्कृति की नैया होसे पार।।
संस्कृति की जीवन नैया से
मातृभाषा की नाव मा संवार।
संस्कृति ला पार लगावन,
बनों मातृभाषा का खेवनहार।।
-ओ सी पटले