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जीना भी इक कला है

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीना भी इक कला है बनो इक मिसाल तुम
        
                                                    
                            
हर ख़्वाब पूरा होगा करो इक बवाल तुम

सुख-दुख का सिलसिला है ये जीवन भी उम्र भर
इस ज़िंदगी में होना नहीं पाएमाल तुम

मक़सद जो करना है तुम्हें हासिल तो डरना मत
मंज़िल से पथ के होते रहो इंदिमाल तुम

दिल के बिखरते रिश्तों के धागों को जोड़ो तुम
आने न देना रिश्तो में गहरा ज़वाल तुम

अंधेरों में भी होती उजाले की इक किरन
उम्मीद के दिए से न होना मुहाल तुम

तुम हार कर भी जीत का ही हौसला रखो
जीवन में हार का न रखो भी ख़याल तुम

जीना हुनर के  साथ हमेशा, है इक कला
आने न देना ख़ुद पे कभी एहतिमाल तुम
2 महीने पहले
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