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हम फूल बिछाना चाहते थे

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम फूल बिछाना चाहते थे,
        
                                                    
                            
तुम्हारी राहों में,
तुम्हे रखना चाहते थे,
हरदम अपनी निगाहों में,
अपने पराए का भेद समझ लेते,
बसा लेते हम अपने भावों में।
-चंद्र दत्त शर्मा
3 घंटे पहले
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