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स्वतंत्रता दिवस पर कविता

Nikita Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बलिदान दिया था वीरों ने
        
                                                    
                            
जब भारत के ही खातिर था,

अपना सब परिवार त्याग कर
वीर गति को प्राप्त किया,

यूं कायरता को मारा जब
तुम चढ़ गए थे फांसी पर,

हसते-हंसते विदा किया था
भारत की माताओं ने।

न भूले हैं उस जख्म को,
जो तुमने हमें दिलवाए थे,

जेल भेजकर फांसी देकर
खुद को महान बताए थे।

आजाद देश को करने का
जब जोश जगा था सबमें,

खूब लड़े वह तन-मन से
और मार भगाया सबने,

स्वतंत्र हुआ जब देश हमारा
चैन की सांस ले पाए थे।

बलिदान दिये हुए वीरों को हम
सत - सत नमन कर पाये हैं |

- निकिता तिवारी 
एक वर्ष पहले
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