हे! जमाना
तू जरा गौर फरमाना।
एक तू भी जमाना है।
और
एक वो भी जमाना था।
जिसमें, पैसा कम था।
पर,
आपसी प्रेम बहुत था।
जिसमें संघर्ष बहुत था।
पर, शिकायतें नहीं थी।
जिसमें
घर, मिट्टी के कच्चे थे।
पर लोग दिल
के सच्चे और अच्छे थे।