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तक़रीर बदल दी

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            के बदलने वाले ने लकीर बदल दी
        
                                                    
                            
समय क्या चीज है तकदीर बदल दी

यहां वक़्त तो आना जाना है साहब
कहीं फ़क़ीरी तो कहीं जागीर बदल दी

एक साम ठहर गया था डेरा बंजारों का
कुआँ खोद रेगिस्तान की तस्वीर बदल दी

ना कहो के खुदा का लिखा मिटता नहीं
यहां लिखने वाले ने तो तक़रीर बदल दी
-नीटू मावी
4 घंटे पहले
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